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क्रिमीलेयर-मुल विमुक्त घुमंतू जनजाति के लिए है फासी का फंदा

साथियों… मुल विमुक्त घुमंतू जनजातिया वो है Those are Landless, Homeless, Educationless and against having a stigma of criminality यह आप सब को पता है, आज इसमे से थोडे बहुत स्थायी होकर अपने घर परिवार के साथ जैसा वैसा गुजारा कर रहे हैं. पुरै भारत मे लगभग 12% से जादा आबादी होते हुए भी,जनजातियोको शैक्षणिक,…

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Banjara Girl woman dance

​कत रेगी गोर संस्कृति री अधूरी कहानी आवो गोर आपन सपनों घड़ामा

कत रेगी गोर संस्कृति री अधूरी कहानी आवो गोर आपन सपनों घड़ामा कालेन दिनाक २४/१०/१७ रोजी हामुलाल टांडा चेंबूर मुंबई अत प्रोग्राम ले माई जो आपन आंग आय वाल भेेने छ उनूर आपन गोर संस्कृति रीति रिवाज मालम पड़नू केन ये प्रोग्राम माई गोर संस्कृति ओडाव पेराव कसलात , दवाली री गीदे गोरमाटी नाच फोटो…

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muslim banjara

पूर्वज थे गोर बंजारा – Muslim Banjara की व्यथा – Suraj Bharatiya

बंजारा समाज कई जाती और धर्मो में बटा हुआ है, कुछ तो सकडो वर्ष पहले भय और डर के कारण अपना धर्म परिवर्तन कर लिए गए है, ऐसे ही उत्तर प्रदेश में अधिकतर बंजारा लोग मुस्लिम बन चुके है आज भी मुस्लिम होने के बाद भी मुस्लिमो से अलग रहते है, आज वे अपने पूर्वजो…

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Laambadi-Lambadi

“स्वच्च॔दी लांबडी-Romantic LamNader अन गोर छोरी”

“लांबडी, केसुला, बरु, कासी ये रान फुलेर स्वच्छंदी जगणो इ गोरूर प्रेरक ऊर्जा शक्ती छ. लांबडीरो इ गुपीत गोर छोरीऊर गोर छोरीऊर गीदे माईती अभिव्यक्त वचं. मोटीयारमाल गोर छोरीऊनं लांबडी दखागी रे दखागी तो गोर छोरी लांबडीती हितगूज करेन लग जावचं.गोर छोरीऊरो इ कलात्मक बोलणो इ सहज बोलणो रचं.ये सहज बोलणे माइरो सौंदर्य इ रानगंध…

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Banjara Diwali Mera - Mangali

​!!●●दवाळी●●!!- Dawali (गोरमाटी कवीता, कवी: सुरेश मंगुजी राठोड़)

!!●●दवाळी●●!! (Dawali) दवाळीर दिवा लागरेते घर-घर मार याड़ी देखरीती घड़ी-घड़ी वर-पर….!!१!! परभातीजं बापं चलगोतो हाटेनं आंधारेम याड़ी टकरीती वाटेनं……!!२!! आब आय पच आय याड़ी वाट जोवरीती मनेम कड़ापो ओन गरीबी भोवरीती….!!३!! कटाळन याड़ी केयेलागी मनं जोनी भिकीया घरं आजो विचारनं…….!!४!! भिकीयारं बी हालत मारजं नाई वेत्ती ओरे बी घरेरं बत्ती गुल वेत्ती…….!!५!! दवाळीरे दन याड़ी…

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लांबडी: कवी,एकनाथ गोफणे

लांबडी ………………………… हंगाम सरला  फुलली लांबडी मंद मंद झुळुकावर  डोलली लांबडी…. तिचा बाणा स्वाभीमानी पानं टोकदार  उंच झेप घेण्यासाठी तिची आभाळी नजर….  मऊ सफेद झगा अन, गुलाबी धुंदी राना वनात फुलते लांबडी ‘ स्वच्छंदी ‘ गोधन पुजे मध्ये  ‘छोरी ‘ देते तीला मान  लांबडी गाते दोस्ता ताठ जगण्याचं गान…   अशी फुलते लांबडी अशी डोलते…

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वाते मुंगा मोलारी My Swan song  कासवाडी; कासी- रोमॅन्टिक रान फुल

“कासवाडी एक उन्माद छ.उन्मादी जगणेरो इ एक प्रतिक छ.ये मस्तानी कासीरो चांदणी रातेर मंद मादक प्रकाशे माइरो लेरा लेती रमणो ई एक नृत्य छ.ये हुंसी कासीरो चांदणी रातेरो मस्तानी जगणो इ रोमान्स हुबो करदचं…! लांबडी, बरु, केसुला, कासवाडी ये गोरुनं आनंदमय जगणेर तत्वज्ञान सिखायेवाळे ये ये रोमॅन्टिक रान गंधेरो ऊपेक्षित जगणो इ जसो गोर लोकसाहित्येरो…

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“कासवाडी; कासी- रोमॅन्टिक रान फुल”

वाते मुंगा मोलारी My Swan song कासवाडी; कासी- रोमॅन्टिक रान फुल “कासवाडी एक उन्माद छ.उन्मादी जगणेरो इ एक प्रतिक छ.ये मस्तानी कासीरो चांदणी रातेर मंद मादक प्रकाशे माइरो लेरा लेती रमणो ई एक नृत्य छ.ये हुंसी कासीरो चांदणी रातेरो मस्तानी जगणो इ रोमान्स हुबो करदचं…! लांबडी, बरु, केसुला, कासवाडी ये गोरुनं आनंदमय जगणेर तत्वज्ञान सिखायेवाळे…

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बोदंरी (सरवां)  कवि: निरंजन मुडे

बोदंरी (सरवां) ध्यान देस बेबबायी मारी तू वातेप बारयी मीना रूछूं म तारेच पातेप छचारूर कपडा पडे छ मातेप रोतू रोतू छोरा पडगोनी दातेप ठीगळा मारन घागरो पेर मार वूदंरी आपकांळ तरी वीळेंदेस मारमन बोदंरी..! छोरा मार केरो तार फूटगी कायी आकी घूंडी से तूटगी तू काकोनी देकी जतराम तरी कपडा दरायीस क नक्की तमार…

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