Headlines

Kailash Rathod

social media and other religion's activities.

“गोर बंजारा विश्वकल्याणकारी” 

“​जय गोर…जय सेवालाल…जय वसंत”     गोर बंजारा — विश्वकल्याणकारी” जसो वैदिक लोकसाहित्येम विश्वेर मंगल करेर कामना करमेलेच। सर्वे भवन्तु सखिन: सर्वे सन्तु निरामया: । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिददुःखभागभवेत ।। (पृष्ठ : 1.4.14-बृहदाअरण्यका उपनिषद)       〰〰〰〰〰〰〰 वोर अनुरुप बंजारा लोकगीदेमभी  अभिव्यक्त भक्ति साहित्य लोकमंगल अन विश्व मंगलेर कामना करेवाळो गोर यी लोक…

Read Full News

“अश्ययुगीन संस्कृतीर ओळख सुकल्डी” (Bacon)

​”वाते मुंगा मोलारी”                           :-भीमणीपुत्र  ‘अश्मयुगीन संस्कृतीर ओळख ‘ सुकल्डी (Bacon)’- संस्कृतीर सेती पेल अवस्था कतो अश्मयुगेर संस्कृती छ.अश्मयुगीन संस्कृतीरे सुरूवातेरे अवस्थाती मानवेर वस्तूरुप संस्कृतीर निर्मिती हुयी. ये कालख॔डेमं मानव माचळी मारेरो नतो पचं येड रमती माइती मळं जे मांसबंदेपं आपण उपजीविका  करतोतो….

Read Full News

“गोरबोली भाषा एक ऐतिहासीक संदर्भ”

‘ वाते मुंगा मोलारी ‘ भीमणीपुत्र ” गोर बोलीभाषा एक ऐतिहासिक संदर्भ”- ” तार सरिक छप्पन छलेगै” ‘ तार सरिक छप्पन चलेगे’!गोर बोलीभाषा व्यवहारे माइरे ये वाक्येनं ऐतिहासिक संदर्भ छ.गोर बोलीभाषा व्यवहार इ इतिहास,भूगोल, संस्कृतीरो संदर्भ लेन हुबो छ. गोर बोलीभाषा व्यवहारे माइर ” छप्पन ” ये रुढ शब्देलारं भाषारो एक इतिहास हुबो छ. भाषारो…

Read Full News

“भाटा (दगड) भावना शुन्य छ”

भाटा (दगड़)भावना शून्य छ…. ✍ सुखी चव्हाण ,बदलापुर आज समाजेर स्थिति अतिशय द्रावक़ छ.बालबच्यार शिक्षण,महिला ,वयोवृद्ध नगरीकेर एनुर आरोग्य चिंतनीय छ भरपूर आन्ध श्रद्धा छ .निर्मूलन हेनु आवस्यक छ.समाज व्यसनाधिन छ ओर उच्याटन करेर गरज छ .ओर गाम्भीर्य बुद्धिजीवी लेताना दिखारे कोनी . यर उलट काहि समाजेम टेढ निर्माण करे वाले समाज कंटक समाजद्रोहि इतर…

Read Full News
Banjara group

“डिजीटल इंडिया मध्ये तांडा अजूनही हरवतोय”

डिजीटल इंडियामध्ये तांडा अजूनही हरवतोय..! “सोशल अॉडीट होणे आता गरजेचे”.   ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: :-आज प्रत्येक घटकाच्या अवस्थेला बुलेटट्रेनची जोड लाभत असताना,आमच्या न्यायवंचित तांड्याच्या अवस्थेला किमान ‘शंकुतला आगगाडी’चीही वेग लाभू नये,हि शोकांतिका नव्हे तर सपशेल पराभवच मानावे लागेल.समाजातल्या क्रिम म्हटल्या जाणार्याचं अन् व्यवस्थेंच देखिल..! राज्यात लोकप्रिय होत असलेल्या ‘तांडेसामू चालो’ या लोकोत्तर आणि दूरगामी संकल्पनेच्या अनुषंगाने तांड्याचे…

Read Full News
Banjara News article

बंजारा लेंगी चांदा जपजो,ये लेंगी माइर सौंदर्य दर्शन”

” चांदा…जपं..जो…!” ये लेंगी माइर सौंदर्य दर्शन..! चांदा जपं..जो..! ये लेंगीर रसग्रहण करतूवणा; सेर आंगड्या लेंगी कतो कायी? इ समजन लेणू महत्वेर छ. ” वाड;मय अन कला क्षेत्रेमाइरो गोर बोलीभाषारो अदभुत आसो मुक्त आविष्कार कतो लेंगी..!” जगेर पूटे परेरी 6000 भषाम बी लेंगी सरिको अदभुत भाषा आविष्कार धुंडेतो बी लाबेनी.ऊ श्लील छ तो अश्लील बी…

Read Full News
Banjara Family

“गोरमाटी अन् बोली भाषार दर्जा”:- भास्करभाऊ (भासू) राठोड ठाणे,

*गोरमाटी* *आन बोली भाषार दर्जा*   गोरमाटी नीसरग पूजक छं हानू जर आपण समजा छा, आन गोरमाटीरो संवसारेर जर आधार आपण बायीमनकीयान ( महिला ) माना छा, याडी मरीयामान आपण याडी काछा आन बापू सेवाभायान जर आपण आपणो आदरस मानांछा तो आपणेम *भोग* आन *धपकार* ये दोयीज वातेन मानेता छं. भोग लाछा आन धपकार दाछा….

Read Full News
Banjara handicraft

“गोरमाटी गोरबोली भाषान,भाषार दर्जा कु कांयी मळीय..? एक वैचारिक अभियान”

“जय गोर….जय सेवालाल…जय वसंत” “गोरमाटी गोरबोली भाषान भाषार दर्जा कुकंळ मळीय ? — एक वैचारिक अभियान” ✍ प्रा.दिनेश सेवा राठोड                      @ 9404372756 〰〰〰〰〰〰〰 भाग–3 .. शहरेम गोरबोली भाषान चाव वोसो प्रतिसाद छेनी.. आपंळ गोर वेगवेगळे जाती समूहेर सोबत रेयेर येती आपंळ गोरबोली खतम वेयेर कन…

Read Full News

“निऋती”-पृथवी देवता (

​” वाते मुंगा मोलारी”                         भीमणीपुत्र ” निऋती”-पृथवी देवता (चोको) पृथ्वी सारु ऋग्वेदेमं जे सुक्त केमेले छ; ओ से गोर आरदासेर इन्तीपं बेते हुये छ. ” पृथ्वी अन्नधान्याने समृध्द होवो..!” ई वेदे माइर आर्येर इ इन्ती इ ” सेरेर सव्वा सेर कर याडी..!” ये…

Read Full News
Banjara woman gormati lamani

“गोरमाटी गोरबोली भाषान,भाषार दर्जा कु मळीय..? एक वैचारिक अभियान” 

जय सेवालाल गोरमाटी गोरबोली भाषान भाषार दर्जा कुकंळ मळीय ? — एक वैचारिक अभियान ✍ प्रा.दिनेश सेवा राठोड 〰〰〰〰〰〰〰 भाग-2 लारेर 50 सालेम  भारतेर  जवळपास  20 टका भाषा खतम वेगीच . 50 सालेर आंग 1961र जनगणनार बाद 1652 मातृभाषार पतो लागोच  वोर बाद वस कोई लिस्ट तयार कौणींव्ही, जना असो समजेन आयेतो  कि 1652 भाषा…

Read Full News