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सभी देशवासियों को नवरात्रि की ढेरसारी शुभकामनाएं: गोर कैलास डी राठोड 

आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं. शारदीय नवरात्रि का शुभ मुहूर्त इस साल 21 सितंबर से शुरू हो रहा है.नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि-विधान से की जाती है. पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां…

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आदलीको पीसू बा​ई,पालीको पीसू ये,गोरमाटी कविता युवा पीढ़ीरो कवि,लखनकुमार जाधव 

​*** आदलीको पीसू बा​ई,पालीको पीसू ये*** मोलेर छ चकेती,गोरमाटी तारी धाटी पेनार जमानेम जना,खायेसारू बाटी का भूलरोची तू,वाते ये गोरमाटी  कांयी घणे मोलेर,वेतीती वू घटी… चली आवचं घटी,बकम वरसेती आटो पीसं दादी-याडी,घणे वो हुसेती दणीया माईर पेल चकीती,वेगोची का छेटी कांयी घणे मोलेर,वेतीती वू घटी… (1) राम पोरेमाई जना,पीसा जावं आटो कुकडो बांग दीयं जना,सेज…

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गोर बोलीरो विकास:गोर गणेरो विकास: भिमणीपुत्र 

गोरबोलीरो विकास : गोर गणेरो विकास जाहीर आभार…जाहीर आभार    ➖  भीमणीपुत्र,मोहन गणुजी नाईक 5 वो अ.भा.गोर बंजारा साहित्य संमेलन,मुंबई दि.13/14 जानेवारी 2018 न महाराष्ट्रेर राजधानी मुंबईनं संपन्न वेयेवाळे छ. ऑ.इं.बं.से.संघे सामुती आयोजित 5 वो अ.भा.गोर बंजारा साहित्य संमेलन मुंबईरो मार संमेलनाध्यक्ष करन नियुक्तीरो पत्र मन आज साहित्य संमेलन संयोजन समिती सामूती पत्र. जा.क्र.09 दि,18…

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गोरमाटी युवा पीढ़ीरो कवि,लखन जाधव येंदुर कविता “नवलेरी”

*****  नवलेरी  ***** वीया वेयेर बाद जको नवे नवे नाता छोरी लेलेती नव मीना तोणी वू  घरेम नवलेरी वेतीती …(1) बोडी रेयेनी नव वजी बोडी वेयेनी जून बोडी रछं बोडीज ई तो नवो वीया वेयेर खूण … (2) नव(9) नाता देका कतो देवर,जेट,जटाणी धणीं,सासू,ससरो वजी नणद,नणदोयी,दरवाणी … (3) नवण करं,पगे दाबं पेले सेवा करती नवलेरी …

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“गोरमाटी साहित्यिक भिमणीपुत्र बापू के दृष्टिसे गोर साहित्य की उपयुक्ततता Usability क्या है”

भिमणीपुत्र बापू के दृष्टिसे गोर साहित्य की उपयुक्तातता usability क्या है !!     जब मैने  बापू, भिमणीपुत्र, मोहन गणुजी नाईक ( साहित्यिक, महाराष्ट्र )के किताब पढे,गोर साहित्यके प्रति उनकी बहुमोल संवेदनशील भावनाओं का एहसास हुआ ।   उनके साहित्य का मुख्य प्रयोजन गोर वैज्ञानिक कसोटीपर खरा उतरनेवाला गोर मानवीय भावना एंवम संवेदना का विस्तार…

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गोर भाईयों केसुला नयी मोरावजो

***  केसुला नयी मोरजावजो  *** पगेती पग आंग बडजो वेन पखेरू दनीयाम वडजो जीवणेम आचे काम करजावजो पचं केसुला नयी मोरजावजो…1 नानक्यापणेरो बोल भारी मीठो याडी बापेरे सेवासारू झटो याडी बापेर पांग फेडजावजो पचं केसुला नयी मोरजावजो…2 जना वीया तारो वेजाय बालबच्या घरेम आजाय दोई झंळा संस्कार दे जावजो पचं केसुला नयी मोरजावजो…3 नात्या-पोत्या सेवेन…

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प्रमाण भाषान समृद्ध अन संपन्न कर्म गोरबोली भाषारो महत्वपूर्ण वाटा छ। :- भिमणी पुत्र मोहन नायक 

वाते मुंगा मोलारी          My swan song  प्रमाण भाषानं समृद्ध अन संपन्न करेमं गोरबोली भाषारो महत्वपूर्ण  वाटा छ, गोरबोली भाषार श्रीमंती आज भी ढासळी कोनी छ.गोरबोली भाषार श्रीमंती गोरबोली भाषार मालकीर शब्देती सिकासीक भरान वतलरी छ.पोरीरात,पणिरी पनवाळी,भोवारी ढळगी, आंबळा झडगो, काचे कुलरेरी, आडायी चावळेरी,लोटा पाचेरी,कोळीयारी, साळ्यार तांगडी ये स्वतंत्र गोरबोली शब्दधन तो…

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तांडेसामू चालो:वंचिताच्या समग्र पुनर्रूत्थानाचा सजग विचार-प्रवाह”

“तांडेसामू चालो: वंचिताच्या समग्र पुनर्रुत्थानाचा सजग विचारप्रवाह” ⚜ अभियान वर्धापन दिनविशेष⚜         बंजारा समाजाच्या जीवनप्रवाहात प्रारंभ आणि शेवटही जीथे होतो,ते म्हणजे तांडा वंचित असेल,अनेक समस्याने वेढावलेला असेल,अनेक शोषकानी, प्रस्थापित व्यवस्थेनी रक्त शोषल्याने दुर्बल असेल आणि त्याच्याच बाहुपाशात राहुन पंख फुटताच भरारी घेऊन पुन्हा कधी त्याच्याकडे न परतल्यामुळे विवंचनेत असेल, उद्वीग्न होऊन मेट्रोसिटीतील…

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“हम कौन है” ? हमारा इतिहास क्या है ?

​हम कौन हैं…? 1) कोई बोलता हैं। हम हिंदू नही.. 2) कोई बोलता हैं। हम सेकुलर हैं… 3) कोई बोलता हैं। हम हिंदू हैं…. 4) कोई बोलता हैं। हम सेकुलर नही…. 5) कोई बोलता हैं। हम गोर हैं… 6) कोई बोलता हैं हम गोर नही… 7) कोई बोलता हैं। हम ब्राम्हणो के गुलाम हैं… 8)…

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“गोरवयीवाट आन गोरवचारधारा!”

गोरवयीवाट आन गोरवचारधारा ! सारवजनीक जीवणेम सारी जगदनीयार समाजे सोबत रेयेर वीय तो कूणसे हासबेती रेरेरो. भारत देसेम संविंधानीक सत्ता छ आन भारत सरकारेरो कायदो छ.संविंधानीक कायदे परमाण स्वतंत्रता – समता – बंधूता – न्यायेर पालन करणूच लागीये.गोरवयीवाट, गोरढाटी,गोरवचार ये संविंधानीक धर्म स्वतंत्रतेर हासाबेती जीवण आणदेती जगेवास पूरो छ की आपोरू छ यी समजन लेणू…

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