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“गोरेरो’गिद×गित’कोरोरो:- भिमणीपुत्र,

” वाते मुंगा मोलारी ” भीमणीपुत्र ” गीद× गीत “– गोर बोलीभाषा बोलेवाळेर संख्या भारतेमं दस कोटी तो युरोपेम विस कोटी छ इ आबं संशोधने माइती सिद्ध  वेगो छ. आतरा प्रचंड संख्यायुक्त समाजेर वैशिष्ट्यपूर्ण आदिम संस्कृती,कला, मौखिक साहित्य अन गोर बोलीभाषारो वैज्ञानिक दृष्टीकोने माइती कोयीज विचार करतू दकारे कोनी…! येर सारु कुणसीज अभ्यास गट नेमेमं…

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“गोरमाटी (गुढी) पाडवा संस्कृती”

“गोरमाटी” गोरमाटी नवो दाड आन जूनो दाड वसो कायीं मानतो रेयेनी आन गोरमाटी यी *पेना* येनं परमाण मानं छं , आपणेम दी सनतेवारेर घणो मतव छं *दवाळी* आन *होळी* £दवाळी* काळमावसेन वाळन लाछा आन *होळी* यी चेत मीनाम चेतावछा कतो होळीती दांडे आतरा दन सरकं छं. वोती आपणेम गूडीपाडवारो कायीं सबंध आयेनी. पाडवार दन परभाती…

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“गोरमाटीम ‘छ/छा’ ये आक्षेरेपर सत वात दखावछ”

गोरमाटीमा छ,छा ये आक्षरेपर सत वात दखावछ.वोन सतेतार आधारेपर तोलमोलन पेनाम गोरमाटी तयार करमेलेछ.जसो,लछ,कछ,पछ,सछ,दछ,आछ,काछ,यीछ,वूछ,पछ,येछ,वोछ,कोछ,सोछ,बछ,पछ,कछ,दछ,खछ,……हाम छा,लाछा,काछा,पाछा,साछा,बाछा,काछा,खछा,बछा,लाछा,वाछा,येछा,वोछा,नाछा,पाछा,फेछा,केछा,देछा,….आसे 700 सेकेर वूपर शब्द मन दकाये जत छ आन छा लागछ वोत सो टक्का गेरटींर वात आवछ.जसो पचं,मचं……आसे टीबेंरो वापर अवीसवास दकाळेवास कोरीकार वापरछ.आपण तो जे दकावछ वोन छ आन छा काछा.वसेच तराती गोरमाटीमा येके शब्देमा हकारछ,तूकारी दछ,आरोळी दछ.जसो की,या,बा,ये,जो,खो,पो,र,रा,मा,आ,अ,यी,वू,ये…

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“दुनिया भरके रोमानी/जिप्सि यह भारतीय जनजाती समूह के लोग हमारे गोर बंजारा है”तो

।। *जय सेवालाल*।। ???????????????????????????????? दुनियाभरके रोमानी / जिप्सि ये भारतीय जनजाती समूह के लोग हमारे गोर  बंजारा है। भाग-१〰〰〰 जानीऐ इस लेख मालिकासे〰〰 भाईयों,रोमानी एक जातीय समूह हैं जो ज्यादातर यूरोप और अमेरिका में रहते हैं। रोमी भाषा “जिप्सी” (या जिप्सी) और रोमानी, रोमानी, रोमानी, रोमा या रोम्स के रूप में अंग्रेजी बोलने वाले दुनिया…

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“बंजारा समाजेर पोरीया तारा”

बंजारा समाजेर “पोरीया तारा” गोरमाटी समाजेम जलमो हीरा धरमंणी याडी भिमा नायकेरो छोरा ……||धृ|| गोरमाटीसारु वु तो किदो कोनी विया नाम छ वोरो कोरे-गोरेरो सेवाभाया गोर समाजेप वोर हरघडी छाया हाकमारा वोन केन मोतिवाळो सेवाभाया…..|1| सेवाभायान काचा आपंण पोरिया तारा सेवाभायारे नामेती वजांवा थाळी -नंगारा गोरमाटी एकिसारु तांडोतांड फरा सेवाभायारी वाते वचार पचारा मत बेईमान…

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Banjara Dhaliya

“गोर बोलीभाषा साधित शब्द औळख

​” वाते मुंगा मोलारी ” भीमणीपुत्र ‘ गोर बोलीभाषा साधित शब्द ओळख ‘ अभ्यस्त शब्द प्रकार- आगळपगळ,आगलबगल, सेजारीपाजारी. अंशाभ्यस्त शब्द प्रकार – हाळदमाळद,आडोतेडो, ओळोसोळो, सामळीसुमळी, पामणपइ, भांदीभुंदी, हाळीफुंग, भारीभस, ढिलोढस, गीलोगच, केयीकायी, ठामठीकर, बोटीमोटी, नवतोखवतो, पीळजरद, वीटोझीटो, मानपान, साटीसराप, ठालोपालो, गोरभराड, खरापरा,मालमसालो, चोरचील्टा, झाडझूड , उंगोवांगो, गावडीमावडी, बळदमळद, ढोरढांडो, धोवणधावण… पूर्णाभ्यस्त शब्द प्रकार- टकडाटकडा, वळवळ,…

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होली मनाओ पर पानी बचाओ

होली मनाओ पर पानी बचाओ         होली भारत में मनाया जानेवाले मह्त्वपूर्ण त्योहारों में से एक हैं। इसे रंगो के त्यौहार के रूप में जाना जाता हैं।इस दिन सभी लोग आपसी बैर भूलाकर ,आपस में गले मिलकर, गुलाल लगाकर बड़े जोर शोर से इस त्यौहार को मानाने की परम्परा रही हैं।होली वास्तव…

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8 अप्रैल विश्व बंजारा दिवस मध्यप्रदेश में *बंजारा महाकुंभ* के रूप मे मनाया जाएगा

*मै सराहनीय निर्णय का स्वागत करता हूँ* आप भी करे *बंधूऔ….* बहुत अच्छा लगा यह जानकर कि *8 अप्रैल विश्व बंजारा दिवस* जिसे हम प्रतिवर्ष संगठन के माध्यम से सभी जिलो मे अलग अलग स्थानो पर छोटे मोटे रूप मे मनाते आ रहै है उस *विश्व बंजारा दिवस* को इस वर्ष मेरी समाज पूरे मध्यप्रदेश…

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येक पीसारो जींबर सूत मोलायो र – Holir Lengi Geet (Banajra Holi)

*येक पीसारो जींबर सूत मोलायो र.* येक पीसारो जींबर सूत मोलायो र, || सूत मोलायोर जींबर जाळ गूतायो र, || जाळ गूतायो र जींबर चालो सीकारेन र || छोटा मोटा डाया देकन रोळज दीनो जाळ र, || रोळ दीनो जाळ कायी सपळ पडीर माचळी || सपळ पडी र माचळी वू खेचज लीदो जाळ र, ||…

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“क्लासिकल बंजारा ही शोषक बन गया है”

“क्लासिकल बंजारा ही शोषक बन गया है” अशोक भाई , जय सेवालाल आपकी हिम्मत की दाद देता हूँ । बहुत कम लोग विचारोको खुलेपण से लिखते हैं । आपके संपूर्ण लेख का अवलोकन करने पर लिखने का साहस जूटा पाया हूँ। वर्तमान गोर समाज की वैचारिक गलियां इन दिनों बड़े जोशीले माहोल से चर्चित है।…

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