गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत)
दोस्तों हमें हर कार्य निस्वार्थ भावना से खुले आम करना चाहिए।ताकि हम जो भी कार्य कर रहे हैं।उसका अभ्यास सबको होना जरूरी है।और हम जो भी कार्य करेगें सच्चे मन से करेगें यहीं हमारा लक्ष्य होना चाहिए।अगर हमारे इस कार्य को करने में हमारी कार्यगती धीमी होती है। तो कोई बात नही।क्योंकि “खरगोश और कछुऐ”…