Ravi raj Pawar
ना छुरी🔪 रखता हुं ना पिस्तौल रखता हुं बंजार का बेटा हुं दिल में जिगर रखता हुं इरादों मे तेज़ धार रखता हुं इस लिए हंमेशाg अकेला ही निकलता हु ———————- बंगले . गाडी तो “बंजारा ” की घर घर की कहानी हैं……. . . तभी तो दुनिया “गोर बंजारा” की दिवानी हैं. . ….