गजानन डी राठोड
दोस्तों कर्म का फळ। यांनी जैसी करनी वैसी भरनी। यह सारी बातें हमें इसी जनम मे ही मिलती है। यह हम सभी को पता रहने के बावजूद भी हम जानबूझकर गलतियाँ, निंदा, और किसी के उपर अत्याचार करते है।यह क्यूँ? हमे तो परमेश्वर ने एक बुध्दीमान प्राणी के रूप मे प्रकट किया है।तो भी हम…