गोर बोलीभाषा सौंदर्य – अपहुन्ती अलंकार – भिमणीपुत्र,
वाते मुंगा मोलारीMy swan songगोर बोलीभाषा सौंदर्य –अपहुन्ती अलंकार –अर्थालंकारेमं जे वस्तूनं उपमा देन रचं ओनं उपमेय कचं अन जे वस्तूर उपमा देन रचं ओनं उपमान कचं जसो -चांदा छायी चांदणी चारोळीसी रात..!चारोळीसी > उपमानरात > उपमेयगोर बोलीभाषा मौखिक वाड;मये माईरे ये गीदेर इ चरण “अपहुन्ती अलंकारेरो” उत्कृष्ट उदाहरण छ.भाषा अलंकारेर २३ अलंकारे पैकी “अनुप्रास,यमक,श्लेष…