Headlines

दाडो कतो = दन अधिक रात

जय सेवालाल दाडो कतो = दन अधिक रात 1) सोमंवार 2) मंघळवारर 3) बदवार 4) वरसपत 5) सकरवार 6) थावर 7) दितवार आपन गोर बंजारा समाजे  माई प्रत्येक  दाडेर एक अर्थच.आचो दाड कुणसोच देखन शुब कामेन सुरवात करतेते . जसो 1) रोळो           –   सोमंवार 2) काळराव     –   मंघळवार 3) बोदो            –   बदवार 4) पातळो         – …

Read Full News

छोटी मानसिकता से बाहर निकले भारत में सक्रिय होता बंजारा

संवाददाता नई दिल्ली:नमस्कार दोस्तोंजय भारत जय बंजारामुझे यह देखकर अच्छा लग रहा है कि आज भारत में बंजारों में जागृति ,सक्रियता देखने को मिल रही है, दोस्तों बंजारों में लगभग डेढ़ सौ संगठन कार्यरत हैं, जो राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर हैं हर संगठन का प्रयास काबिले तारीफ है जहां एक तरफ सामाजिक लड़ाई सामाजिक…

Read Full News
Banjara Bhimani putra Book

गोर बोलीभाषा साधित शब्द ओळख -भीमणीपुत्र

​” वाते मुंगा मोलारी ” –भीमणीपुत्र ‘ गोर बोलीभाषा साधित शब्द ओळख ‘ अभ्यस्त शब्द प्रकार- आगळपगळ,आगलबगल, सेजारीपाजारी. अंशाभ्यस्त शब्द प्रकार – हाळदमाळद,आडोतेडो, ओळोसोळो, सामळीसुमळी, पामणपइ, भांदीभुंदी, हाळीफुंग, भारीभस, ढिलोढस, गीलोगच, केयीकायी, ठामठीकर, बोटीमोटी, नवतोखवतो, पीळजरद, वीटोझीटो, मानपान, साटीसराप, ठालोपालो, गोरभराड, खरापरा,मालमसालो, चोरचील्टा, झाडझूड , उंगोवांगो, गावडीमावडी, बळदमळद, ढोरढांडो, धोवणधावण… पूर्णाभ्यस्त शब्द प्रकार- टकडाटकडा, वळवळ,…

Read Full News

विविध मांगों को लेकर बंजारा नाका कामगार संघटना ने दिया आजाद मैदान पर धरना

धरना का आयोजन किया था। इस धरना कायलक्रम को संबोधित करते हींए गोर बंजारा संघषल समिती के संयोजक व संपादक रविराज राठोड ने कहा जब तक सारे निपवाथल नेता समाज सेवक एक होकर मजदींरों की समपया समझाते हींए संबंधित विभाग से पख ळयवहार कर मजदींरों की समपया दूर नही करेंगे जब तक मजदींर किसी नेता…

Read Full News

“सत्य मे है ईश्वर”

१) सबसे पहिले सत्य क्या हैं उसे जानो..!! २) सत्य की राहपर चलने की कोशिस करो | तांकी आपके उपर जलने वालो को आपकी जरूरत पडे..!! ३) कोई कुछ भी कहे आप आपना सत्य का रास्ता मत छोडो..!! ४) सत्य एक ना एक दिन आपके साथ हैं | पापीओका नाश जरूर होता हैं | दृष्टकर्मी…

Read Full News

“वडील: एक आधारस्तंभ”

​ वडील : एक आधारस्तंभ                            जिच्या डोळ्यातून मायेचे , आनंदचे अश्रू वाहतात ते म्हणजे आईचे हृदय अन ज्याच्या डोळ्यात संयम आणि जिद्द ते म्हणजे वडील. खरतर ह्या दोन गोष्टीची व्याख्या करणे खूप कठीणच आहे. खरेतर कोणत्याही मुलाचा किंवा मुलीचा आईकडेच जीव असतो पण त्या जीवामध्ये वडिलांच्या…

Read Full News