“दवाळी अन् बंजारा समाज”

“वर्षे दनेरी कोट दवाळी” मार गोर बंजारा भाईन जय सेवालाल…. भाईयो बंजारा समाजेर संस्कृती खुप वेगळी संस्कृती छं | बंजारा समाजेर दवाळी सन मनायर खुप वेगळ पदत छ | आस पदत तमेन दुसरेर केरी देकेन मळेवाळ छेनी.कारण बंजारा समाज एक समाज आसो छ वोर कोई बरोबरी वोरो भी एक कारण छ.बंजारा समाज ये समाजेम भाई…

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Mithu Bhukiya Banjara

Mithu Bhukiya: Gor Banjara Saint And Valorous Warrior Compiled By- Dr.Dinesh S. Rathod

Mithu Bhukiya was a Gor saint, who lived in different places in different states. Gor Banjara believed that he had the blessings of Goddess Jagadamba and similar evidence is found that he performed miracles like Saint Seva Bhaya. He spent most of his life in a Tanda of Go Banjara in Parbhani district in Marathwada…

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अर्श रोग [बवासीर ] Piles

बवासीर गुदा मार्ग की बीमारी है | यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है — खूनी बवासीर और बादी बवासीर | इस रोग के होने का मुख्य कारण ” कोष्ठबद्धता ” या ”कब्ज़ ” है | कब्ज़ के कारण मल अधिक शुष्क व कठोर हो जाता है और मल निस्तारण हेतु अधिक जोर लगाने के…

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विद्वानों मूर्ख ना बनो – फुलसिंग जाधव, औरंगाबाद

*विद्वानों मूर्ख ना बनो ।* ———————————–  पिछले कुछ दिनोंसे समाज के कुछ लोग विधायक हरिभाऊ राठोड के बारेमें व्देष और वैरभाव का जहर उगल रहे है ।  समाज मे दरार निर्माण करनेकी घिनोनी हरकते कर रहे है । ओबीसी विभाजनकी विधायक हरिभाऊ राठोड की मांग को लेकर जो विद्वानजन उनके बारेमें  निम्न स्तर के शब्द…

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वंचित वर्ग के सामाजिक न्याय के महानायक हैं हरिभाऊ राठौड़

*वंचित वर्ग के सामाजिक न्याय के महानायक हैं हरिभाऊ राठौड़* डी एन टी व एमबीसी के सामाजिक न्याय के लिए मिशन के रूप में काम करते आ रहे राठौड़ हरिभाऊ राठौड़ यवतमाल(महाराष्ट्र) के पूर्व सांसद व वर्तमान में कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य है।2003 से बंजारा क्रांति दल(सामाजिक संस्था)के माध्यम से…

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ये या धूंढू कत ये तोन, बंजारा कवीता कवी: ईश्वर राठोड , पेण.रायेगढ

*याडी दनेर शुभेच्छा* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ये या धूंढू कत ये तोन.. हारदं करन ये तोन.. जीवडा तूटरो छ मार.. तारे लाडेरे पीलान.. आब कूण दीय आधार.. वेती ये या तारी ये हीमत.. वोर छेयी आब कोयी भी किमंत.. आब कूण दीय तारे पकेरून .. मया र ये मोल.. सूनो वेगो ये आब घरबार हारदं करन ये…

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||गुढी|| मराठी कविता, कवी: निरंजन मुडे

गुढी *कवी.* *निरंजन मुडे* *दि.८/४/२०१६* *वाटसप रुपी जलाशयात,* *भरली विद्बानाची होडी !* पोहता येईना”निघती बुडबुडे, म्हणे आम्ही जातीचे नावाडी !! *खरं काय” खोटं काय,* *की करतात नूसती लबाडी !* सणासुदीच्या उत्सवामध्ये, दाखवतात काहीतरी बिघाडी !! *विटंबना करतात वरवर* *आतून शासकिय सुट्टीची गोडी !* जनाची सोडा मनाला तरी, आसुदया जानीव थोडी !! *अनंतापासुन पुर्वजांची,* *चालत आली…

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“रक्षक बणे पेक्षा मार्गदर्शक बणो”

जय सेवालाल भियावों👏 आपणेन समाजेर संस्कृती बचायर छ | जसो याडी बाप वो आपणेवास समाज छं | समाजेर इतिहास प्रत्येक घरेमाईर नांक्या मोठे आपण भाईन मालम रेयेन चावच.करन आपणेन एकमतेती समाजेन जोडेर काम करेर छ | जर समाज जुडजाय वो वेळान समाजेर एक खुप मोठो इतिहास बणजाय | वो घडीन खरोखर गोर केशुला नई मोरीय.संत…

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