ऑल इंडिया बंजारा विचार मंथन बैठक संपन्न
ऑल इंडिया बंजारा विचार मंथन बैठक संपन्न हुई। 16 अगस्त को मुंबई में पूरे देश से आये हुए प्रमुख गोर बंजारा समाज के नेता समाज सेवीयों की एक Read more…
ऑल इंडिया बंजारा विचार मंथन बैठक संपन्न हुई। 16 अगस्त को मुंबई में पूरे देश से आये हुए प्रमुख गोर बंजारा समाज के नेता समाज सेवीयों की एक Read more…
Guru Nanak Jayanti at Townhall, Bagbahra, District Mahasamund, Chhatisgarh by All India Banjara Seva Sangh Chhatisgarh and Orissa States on November 29.
दूब या ‘दुर्वा’ (वैज्ञानिक नाम- ‘साइनोडान डेक्टीलान”) वर्ष भर पाई जाने वाली घास है, जो ज़मीन पर पसरते हुए या फैलते हुए बढती है। हिन्दू धर्म में इस घास को बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हिन्दू संस्कारों एवं कर्मकाण्डों में इसका उपयोग बहुत किया जाता है। इसके नए पौधे बीजों तथा भूमीगत तनों से…
पेली समरंण करलो गणपतरो, पेली समरंण… पेली तो समरंण,धरती मातान,पेली तो समरंण,धरती मातान…. उतो नवखंड बोजा वटाई मातारे,पेली समरण,पेली समरण… दुसरो समरण माता पितान र,दुसरो समरण माता पीतानर…. ओतो दूनीया वताय छ,आपणेन रे, पेली समरण करलो गणपत रो…. तिसरो समरण चांदा सुर्यान र, तिसरो समरण चांदा सुर्यान र…. ओ तो वजाळो दीने चारी खंडेनर, पेली…
बंजारा समाजातील आडनाव (गोत्र) आणी भारतीय संस्कृती. बंजारा गोत्र आणि त्यांची संख्या * चव्हाण- ०६ आणि निसर्गात रुतुची संख्या ०६ * पवार- १२ आणि वर्षाचे महिने १२ * राठोड- २७ आणि वर्षामध्ये २७ नक्षत्र जाधव- ५२ आणि वर्षाचे ५२ आठवडे *आडे- ०७ आणि वर्षामध्ये फक्त ०७ वार [दिवस] यावरुन बंजारा समाज किती निसर्गप्रियआहे हे दिसते….
आज दि. 01/01/2015 इस नयें साल के शुभ अवसर पर बंजारा समाज के धर्मगुरु संत श्री सेवालाल महाराज इनके नाम से भोग लगाकर। पातलीपाडा, ब्रह्मांड मे गोर बंजारा संघर्ष समिती की बैठक संपन्न हुई।इस बैठक के दौरान बंजारा समाज के गोर भाई और बहनों को नये साल की शुभकामनाएं देते हुये समिती के स्वयंसेवक श्री…
ऐसी कम्युनिटी भी रह रही है, जिसका कनेक्शन भारत से है। ये यहां का सबसे बड़ा माइनॉरिटी ग्रुप है और इन्हें रोमा समुदाय के नाम से जाना जाता है। इस ग्रुप के करीब एक करोड़ लोग यूरोप में रह रहे हैं। घुमक्कड़ होने की वजह से इन्हें जिप्सी भी कहा जाता है। ये पूरे यूरोप…
:तांडेसामू चालो अभियान. बंजारा लोकजीवनाचा चिरंतन प्रारुप म्हणजे तांडा. तो आजच्या डिजीटलायजेशन मध्ये आजही उभा आहे.मुठित जीव धरुन.. संस्कृतीचा हा प्रारुपच आज भयाण विवंचनेत पायबंद झालेला दिसत असताना,त्याच्या सबलीकरणासाठी आता परिणामकारक आणि सकारात्मक संवादकृतीची सेवाकृतीची नितांत गरज आहे.एसी कुलर मध्ये राहुन बंदखोलीत समाजावर आणि समाजासाठी विधायक कार्य करणार्या विषयी *तथ्थहिन भाष्य करण्यापेक्षा ४२:४३ डिग्री सेल्सियस…
राष्ट्रीय विमुक्त घुमंतू और अतिपिछडा संघठन चलो रामलीला मैदान – दिल्ली , दिनांक २८ फेब्रुवारी २०१६ हमारी मांग : राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने ओ बी सी के २७ % कोटा को तीन भागो में विभाजीत करने की शिफारिश की है अ) विमुक्त घुमंतू . ब) अतिपिछडा. क) पिछड़ा . देश भर, राज्य और केंद्र…
Sant Sevalal Maharaj with Garashya (Nandi) Photo – Editor Govind Ratod