“जब हमारा दिमाग कमजोर होता हैं। तो गोर माटी समाज कि परस्थितीया बनजाती हैं।:-

जब हमारा दिमाग कमजोर होता है,गोर माटी समाज की परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब दिमाग स्थिर होता है तो समाज के ऊपर जो परिस्थितियां  आयीं है ओ चुनौती बन जाती हैं किंतु जब  हमारा दिमाग मजबूत होता है, तो सोचने समजने की ताकद बन जाती है की हम समाज के प्रोभोदन के लिए क्या…

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“पेणार वाणी”:माटी गोर मारतीया रामचंधिया भुकीया,

== ????  आरदास  ???? जे जे मरयामा याडी सायेबणी खंढळ मंढळ तार छ धणीं मातान सायी वेणू रात दनेर चारी पोर तार छ जतं समरा वतं आढण आणू लोयी पाणी तारो छ दी पगा चार पगान सायी वेणू वेलवाडी तार छ सेरी वेले मांढवान पूछाणू वाड वसतीर वूरी छी कीडी मूंघी जीव जणगाणीन सायी वेणू…

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महाराष्ट्र में हो रहे बंजारा समाज पर अत्याचार की घटनाओ पर मंत्री संजयभाऊ राठोड ने मंत्रालय में रखी आपात बैठक

मुंबई: आये दिन महाराष्ट्र में बंजारा समाज के लोगो पर कोई ना कोई अत्याचार किया जा रहा है, ऐसी घटनाओ को रोकने के लिए श्री संजय राठोड ने बंजारा समाज के सभी विधायक और समाज न्याय व कल्याण मंत्रीश्री राजकुमार बडोले के साथ इस विषय पर चर्चा की गई. ऐसी घटना करने वालो पर तुरंत…

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​बेघराला निवारा देण्याचा प्रयत्न, सौ. अश्विनीताई रविंद्र राठोड़, सोलापुर

बेघराला निवारा देण्याचा प्रयत्न आज दिनांक 30-10-17 सकाळी 7.30 वाजण्याच्या सुमारास मी माझ्या मुलांना शाळा सोडण्यासाठी गेले होते.मोदी रेल्वे पुलाखाली एक 60-65 वर्षाचे वृद्ध आजोबा तेथे दिसून आले.त्यांना मी दिवाळीच्या आधी देखील तेथेच पाहिले होते.आज पण ते तिथेच होते त्यांची दुर्वस्था पाहून मन हेलावून गेले.या आजोबासाठी काही तरी करावे म्हणून मी मदतीचा हात पुढे केला.प्रार्थना…

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इमली-

इमली से हम सब परिचित हैं | इमली के वृक्ष काफी ऊँचे होते हैं तथा सघन छायादार होने के कारण सडकों के किनारे भी इसके वृक्ष लगाए जाते हैं | इमली का वृक्ष उष्णकटिबंधीय अफ्रीका तथा मेडागास्कर का मूल निवासी है | वहां से यह भारत में आया और अब पूरे भारतवर्ष में प्राप्त होता…

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दुनियाभरके रोमा,रोमानी/जिप्सी/रोमा बंजारा यह भारतीय गोर गण समूह के लोग हमारे गोर बंजारा है!:- भाग 2.

दुनियाभरके रोमा,रोमानी / जिप्सि/रोमा बंजारा ये भारतीय गोर गण समूह के लोग हमारे गोर  बंजारा है। भाग-2   भाईयों, दुनिया की रोमा जनसंख्या क्या है? वे कहाँ रहते हैं? सटीक संख्या अज्ञात है, आंशिक रूप से कई रोमों की आशंका के कारण आधिकारिक राष्ट्रीय संवेदकों में उत्पीड़न या उत्पीड़न को आकर्षित करने के डर से…

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गोरमाटी बोलीभाषाविज्ञान ई बापदार हिंमाणी.- भिमणी पुत्र मोहन नायक,

वाते मुंगा मोलारी my swan song गोरमाटी बोलीभाषाविज्ञान ई बापदार हिंमाणी…! शब्देर उच्चारण पद्धतेपरती भाषारो स्वरूप सिद्ध वच्.शब्देर उच्चारण पद्धतेपरेनं भाषारो स्वतंत्र अस्तित्व बेतावच्.भाषा अन् ओ भाषिक लोकगणेर जीवनशैली कतो सेलीरो सणगार ये माइती भाषिक समाज वाचेन मळच्.भाषा सवायी जीवनशैली वाचतूज आयेनी.जे समाजेनं आपण याडीभाषा भुलाडी पड जावच् ओ समाजेन् गती रेयेनी,ओ समाजेरो संघटन भी…

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जागो अन सेन जगावो अंधारो घणो हेगो.

                सत्यजीवन हनु दिटे हम से मानव एकज ईश्वर निर्मित छा, कोई भेदभाव छेनी परंतु मानव प्राणी आपणो आपणो परीवार समाज नाळी नाळी नामेती ध॔र्मेती बंधगेच अन वोरो फायदो ये लोकशाही देशेम लेरेच अन मनक्या मनक्या म भेदभाव करनाके करन आज ‘जेरकन लकडी वोरज भेंशी’! जेरेकन मेजोरीटी वोरोज खरो हेरोच अन एकलो मनक्या खरो रेता…

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गोर याडीरो ढावलो: एक चिंतन..!

*वाते मुंगा मोलारी* मौखिक परंपराती जिवतो छ जकोण गोरबोली भाषा मौखिक साहित्य इ गद्य अन पद्य ये रुपेमं आज भी देकेन मळचं.गीद अन गीत ये दोइ वाड;मय प्रकार गद्य अन पद्य वाड;मय प्रकारेर उत्कृष्ट नमुना सिद्ध वचं. गोर वाड;मय संस्कृती, सौंदर्य संपन्न गोरबोली भाषा अन अदभुत बानो गेणो, नृत्य, संगीत ये गोर जिवनेर न्यारे पैलू…

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