“अभिजात गोरमाटी अन् गिद/गित संगित”
” वाते मुंगा मोलारी ” भीमणीपुत्र “अभिजात गोरमाटी अन गीद,गीत, संगीत” ” गोरमाटी इ केवळ जात छेनी जमात छेनी तो इ एक मानवतावादी सिद्धांत छ.शोषित, वंचित, दु:खी आसे लोक जीवनेन ‘ जगणो ‘ शिकायेवाळो; साहित्य अन कला क्षेत्रे माइरो इ एक स्वतंत्र…