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दि.६ ,७ फरवरी २०१६ काे वासिम मे हाेने वाला गाेर बंजारा साहित्य सम्मेलन नहीं हो सकता?

मुंबई प्रतिनीधी…रविराज एस. पवार आलोचना     दि.६ ,७ फरवरी २०१६ काे  वासिम मे हाेने वाला गाेर बंजारा साहित्य सम्मेलन नहीं हो सकता?     वो बंजारा, बुद्ध,आम्बेडकर साहित्य सम्मेलन हो सकता है क्योंकि  प्रा.ग.ह.राठाेड साहित्य सम्मेलन का अध्यक्ष हैं उसने हमेशा  ब्ंजारा समाज काे दुसरे विचार धारा के साथ जोडने का प्रयास किया है. बंजारा समाज…

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Corona Virus : जानिए खुद का आइसोलेशन ( Isolation)कैसे करें

कोरोना वायरस बीमारी फैलाने वाला एक बड़ा वायरस परिवार है जो साधारण सर्दी-जुकाम से लेकर मर्स और सार्स जैसे कई गंभीर रोगों की वजह है। यदि आप को खुद में कोई गंभीर लक्षण नजर आ रहे हैं तो घर क बाकी लोगों से खुद को अलग रखना बेहतर होगा। आगे जानिए खुद को अलग रखने…

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“जुडो और जोडो समाज को अभियान”

मेरे सारे भाईयों बहनों और दोस्तों को जय सेवालाल जय गोर जय बंजारा। गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत से जुड़े व जुड़ने वाले निस्वार्थ नॉन पॉलिटिकल समाज के भलाई की भावना से समाज हितमें समाज के हितचिंतक बन कर काम करने वाले या काम करने के लिए इछुक हमारे सभी भाईयो और बहनों को सुचीत…

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गोरबोलीन संविधानेर आठवी अनुसूचीम लेन राजभाषारो दरजा देणू करण.

दन सोंमार ता. 16/7/2018 प्रति, (यात जेन देयेर छ वोनेर नाम,पद,पतो) *यीसय:गोरबोलीन संविधानेर आठवी अनुसूचीम लेन राजभाषारो दरजा देणू करण…* *सायेब/सायेबण,* वुपरेर यीसयी हाम सारी भारतेर दस कोटी आन महाराष्ट्रेर येक कोटी गोरमाटी आपणे धेनेम लान दाछा क,भारत सोतंतर वेयेर बाद भाषावार राज्य तयार किदे वोमं कानडी सारू कर्नाटक,पंजाबी सारू पंजाब,गुजराती सारू गुजरात वीयो,घणें कमी…

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“आछो जीवण जगेर सूत्र चूकरोच”

“जीवन जगेर सूत्र चूकरो च ” माणस अहंकार काई छोड़ेंन तयार छेयी भाई भेंन कायी नुसतो फापट पसारो  छ क़ुन केनि पूछ रो कोनी कुण केरसाऊ जाएनी कुण केरी कन आएनी, जिवतो र काई मरगो काई माया केनि आएनी संवेदनशीलता आब फारशी काई दिसाएनि आँगनेम बेसन   गप्पा टप्पा व्हेएनि पॅकेज, इनक्रिमेंट, सॅलरी इन्व्हेस्टमेंट, विकएन्ड,…

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“अखिल भारतीय बंजारा समाज साहित्य सम्मेलन-केवळ गोर संस्कार व गोर साहित्यानेच परिपूर्ण व्हावे”

​*भाग 3* *बंजारा साहित्य संमेलन- काही तथ्ये व अपेक्षा*     प्रा.दिनेश एस.राठोड     समाज विषया वरील प्रश्नांवर  कथाकथन, नाट्य, काव्यवाचन असे कार्यक्रम हवे विनोदी वक्तृत्व स्पर्धा, बंजारा भजन लेंगीगीत काव्यगायन मैफल, काव्याधारित नृत्य, समाज निगडीत  संशोधन शोधनिबंधाचे वाचन असे नव-नवे कार्यक्रम आयोजित व्हावे. संशोधक,समाजात लौकिक यश मिळविलेली व्यक्ती, चित्रकार, मुद्रक, ग्रंथविक्रेते इत्यादी व्यक्तींचे प्रातिनिधिक…

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कैलाश डी. राठोड

लढा समतेचा…द्या समाजाला स्वातंञ्य करा.. जर समाज स्वातंञ्य झाला तर… तुमची आमची भावी पिढी स्वातंञ्य होईल… जर समाज स्वातंञ्य नाही झाला तर… भावी पिढि पण स्वातंञ्य होणार नाही…. समाजासी जुडा व समाजाला जोडा… सौजन्य कैलास डी. राठोड गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत,

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