Noteworthy person of Gaur Banjara -Ramu Naik –The Great Personality

Noteworthy person of Gaur Banjara -Ramu Naik –The Great Personality Ramu Naik the sardar of Banjara had arrived from northern region area .After extensive travelling to different state and villages he fortunately has settled down in the Yeoli village ,Yavatmal District ,Maharashtra along with their family members. Ramu Naik a versatile man of looming personality…

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आपके नाम का पहला अक्षर बताएगा की आपका व्यक्तित्व कैसा है

A- अक्षर से नाम वाले लोग काफी मेहनती और धैर्य वाले होते हैं। इन्हें अट्रैक्टिव दिखना और अट्रैक्टिव दिखने वाले लोग ज्यादा पसंद होते हैं। ये खुद को किसी भी परिस्थिति में ढाल लेने की गजब की क्षमता रखते हैं। इन्हें वैसी चीज ही भाती है, जो भीड़ से अलग दिखता हो।A- अध्ययन या करियर…

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*गोरमाटी आन साहित्य संमेलन*

*गोरमाटी आन साहित्य संमेलन* साहित्य संमेलन यी मानव विकासेर सर्वोच्च पातळीर अवस्थारो लक्षण छं, *बोल*(Sound) *बोली*(Combination of meaningful Sounds) *लेखी भाषा*(Combination of Meaningful Sentences) *धाटी संस्कृती*(Culture) *साहित्य*(Literature) साहित्य संमेलन यी जनाच वे सकं छं जना दर्जेदार लेखनेर संग्रह वीये. *साहित्य संमेलन जर गोरमाटीरो वीये तो वू गोरमाटीर बोली भाषामंज वेयी चाय!* जर बोली भाषामं करेर…

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Raj Pawar

मार प्यारे गोर भाईयो प्रथम पवन चव्हाण रो सब भाईयो न जय सेवालाल म आज काळवटी ताडें म गणेश रे आरती निमित्त जगत गुरू श्री संत सेवालाल महाराज येदुंर प्रतीमा भेट देन सब ताडें माईर गोर भाईयोन गणपती सोबत आपळें सेवालाल महाराज यदुंर स्थापना करळुं हाई सदेंश प्रत्येक ताडें ताडें म पोहोच कररो चु मार…

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बंजारा संस्कृती:जगेर वेगळी रीत,

== जगे वेगळी रीत- नवलेरी – वेतडून हेटाल वूचाल मूंढो करताणी बसारतेते. नवलेरीरो मूंढो घरेसामू मंझे वूचाल रेतोतो आन वेतडूरो मूंढो हेटाल रेतोतो. आसो का बसारतेते ? येपर गोर ( संशोधन ) कीदे आन कारण ढूंढे तो बकळ वातेर जबाब मळीये. आसो मारो केणो छ. कारण कळरो कोनी करन आजकाल दोयीन हेटाल मूंढो करताणी बसाररे…

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वघम खरब छ→जागो गोरमाटी, कवी: सुरेश राठोड़

!!वघम खराब छ→ जागो गोरमाटी!! नंगारार घोरेम रीजो गोरमाटी । वघम खराब छ,जागो गोरमाटी।धृ। एक जाग आवो,धासो मत छेटी। लोकशाहीमायी लोक खोसरे छ बाटी।। काळवेळ भारी छ,सावधान माटी ।१। वघम खराब छ..जागो गोरमाटी…. छोड़ो हेवा-दावा,एकजागंआवो। सुतेचं ओंदुन,जलदी जगावो ।। केगे बापदादा,जरा ध्यान दरे माटी।२। वघम खराब छ..जागो गोरमाटी…. केन क छ गामी?कुण प्रतिगामी? आपणो समाज,पेनातीजं…

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“गोर बोली भाषेचे अस्तित्व न टिकल्यास सास्कंतीक ऐक्य धोक्यात येईल”:-भाग 2

*गोर बोली भाषेचे अस्तित्व न टिकल्यास* *बंजारा समाजाचे सांस्कृतिक ऐक्य धोक्यात येईल*  जरूर वाचा ???????? ( गोर बोली भाषा जागृती अभियान ) *भाग..२* जेव्हा १९६१मध्ये जनगणना झाली त्या वेळी १६५२ मातृभाषांची यादी झाली. प्रत्येक भाषा ही मातृभाषा नसते. पण तरीही साधारण ११०० भाषा असाव्यात, असं त्यावेळचं अनुमान होतं. १९७१मध्ये फक्त १०८ भाषा दिसल्या. म्हणजे दहा…

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गोर बंजारा संघर्ष समिती के संयोजक रविराज राठोड के हाथों ग्रुप स्टीकर का वितरण करते हुए कई बाईक पर स्टीकर लगाए एवं वितरीत किये।

गोर बंजारा संघर्ष समिती के संयोजक रविराज राठोड के हाथों ठाणे के गोर बंजारा संघर्ष समिती मानपाडा शाखा के अध्यक्ष प्रकाश राठोड के ग्रुप स्टीकर का वितरण करते हुए कई बाईक पर स्टीकर लगाए एवं वितरीत किये। डॉ. श्रीमंत राठोड, किसन राठोड, कैलास राठोड, पवन राठोड, स्वयं सेवक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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गोआर समाज की उत्पत्ति

(विभिन्न मत) गौर बंजारा पूरी दुनिया को दो वर्गों में विभक्त करता है। गौर अ{आर–बंजारा) अपने आप को गौर कहता है और दूसरों को कौर कहता है। गौर बंजारा कोई विशेष जाति नहीं, बल्कि एक सप्रदाय है । सम्पूर्ण बंजारा सप्रदाय को भारतवर्ष की चारों दिशाओं में गौर बंजारा प्रांत और व्यवसाय के नाम से…

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