गोरमाटी भीया: कविता युवा पीढ़ीरो कवि लखनकुमार जाधव,
*** भीया गोरमाटी *** येकजूट वेयेर गरज छ आब करा जतन से धाटी आलग आलग वीकरागे जे येक वेजावा से गोरमाटी (1) चमकनताणी कू काडोचो आयुष्य केरकेर लेयवाळ छो सहारा शूरवीर वेताणी आयुष्य जगो वतान चलगो लाखा बंजारा (2) लालचे माई तम कनाई मत गमावो सोतारो मान वैरागी परशुराम बापू केगो समजान दीनो भाया वोमाई…