गोरबोलीभाषा/गोर संस्कृती बचाओ अभियान

*वाते मुंगा मोलारी*              my swan song *गोरबोलीभाषा/गोर संस्कृती बचाओ अभियान* भियाओ.. तम कुणसे धर्मेर, कुणसे पक्षेर,कुणसे विचारेर समर्थक छो येती मन कायी लेणोदेणो छेइ;चालतू छेडा मनं केती कज्ज्या भी करलेयेर छेनी आखरी तम मारज छो..ये वादविवाद, कज्ज्याती गोर बोलीभाषा/ गोर संस्कृती दुर्लक्षित वेरी छ इ घण दखेर वात छ.गोर…

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Kailash Rathod

“इस साल दिपावली मे कुछ नया करेंगे” मेरे भाईयों इस साल दिपावली मे कुच्छ नया करेंगे क्यों कि हमारे देश मे कही गरीब और भुखो की भारी संख्या हैं, किसी किसी को एक दिन का खाना तक आसान नही होता,मंदिरपर या किसी रेल्वे स्टेशन पर गरीबों की संख्या बहुत दिखती हैं, अगर हम सब साथ…

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भारतीय बहुजन क्रांति दल कर्नाटक में लड़ेंगे चुनाव : मोरसिंग भाई राठौड़

भारतीय बहुजन क्रांति दल का बेंगलुरू में पत्रकार परिषद ली गई। इस पत्रकार परिषद को राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. मोरसिंग भाऊ राठोड जी ने संबोधित किया। हमारी भारतीय बहुजन क्रांति दल राजनैतिक पार्टी है, बहुजन पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध कोई पार्टी कुछ नही कर पा रही है, हमारी पार्टी दलित, पिछड़ो की आवाज है…

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Raviraj Rathod

Mere saare gor banjara samaaj ke bhai aour dosto namaskaar. raam raam. jay sevalal. jay gor banjara. Dosto hum “gor banjara sangharsh samiti” ki sthaapna pure desh ke apne gor banjara samaaj ko jodne ek jut karne ke uddeshy se kiya hai. Hum sab milkarar apne samaaj ki ekta ke liye “samaaj se judo aour…

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“ऐ सुख तु मिलता कहाँ हैं”

ऐ   “सुख”  तू  कहाँ   मिलता   है क्या   तेरा   कोई   पक्का   पता  है क्यों   बन   बैठा   है    अन्जाना आखिर   क्या   है   तेरा   ठिकाना। कहाँ   कहाँ     ढूंढा   तुझको पर   तू  न   कहीं  मिला  मुझको ढूंढा   ऊँचे   मकानों   में बड़ी  बड़ी   दुकानों   में स्वादिष्ट   पकवानों   में चोटी   के   धनवानों   में वो   भी   तुझको   ही   ढूंढ   रहे   थे बल्कि  …

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“बंजारा हस्तकलेची शोकांतिका”

“बंजारा हस्तकलेची शोंकांतिका:एक ऐतिहासिक धरोवर” याडीकार श्री पंजाब चव्हाण यांनी साहित्य क्षेत्राला आपली अभीनव ओळख दिली.बंजारा संस्कृती ही आपल्या देशातील जुनी संस्कृती.मात्र जागतिकीकरणाच्या युगात या संस्कृतीचा संपूर्ण लोप पावतात की काय ? अशी धास्ती वाटत असतांनी या संस्कृतीचा संपूर्ण चहरामोहरा श्री पंजाब चव्हाण यांनी या पुस्तकाच्या रूपाने समोर आणलेल आहे.या बंजारा समाजातील आदर्श महापुरूष संत…

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गोरबोली भाषारो एक उत्कृष्ट वाड;मयीन भावाविष्कार – झोळीगीद! – भिमनिपुत्रा

वाते मुंगा मोलारी My Swan song गोरबोली भाषारो एक उत्कृष्ट वाड;मयीन भावाविष्कार – झोळीगीद! गोरबोली भाषा परंपरागत मौखिक साहित्येनं “फोकलोर” कतो लोकसाहित्येरे पंगतेमं बसारणू इ गोर लोकगणेर खानदानी प्रतिभानं बट्टो लगाये सरिको ठरीये.खरो तो,गोरबोली भाषारे परंपरागत मौखिक साहित्येनं *वाड;मय* ईज नाम ओरे प्रकृतीनं खले सरिको छ अन इ न्याव संगत भी छ.वाड;मय ये शब्देरे संदर्भेमं…

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