“रकसंण” (रक्षण)-मा.राध्येशामजी आडे

रकसंण आरकसंणे ती नूकसांण वेरो केरेच मेलाळे कपडा , बना साबनेर धोरे छ। राजकीये पारटीर खेतेम साल भागेती रेरे छ समाजेर मातेपर , धूडेर वोल्डा देरे छ। कोयी केरी सांभळरे कोनी घर घर नायेक वेरे छ बना कासरार दामणी मांयी खाले पीलेन सोरे छ। आचो बला कळरो कोनी कारेकरमेर फोटो जणरे छ वांझोट्या वीचारेर गठडी…

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special round table conference of welfare associations of SC/ST/OBC Employees & Officers.

You all are kindly invited to participate in special round table conference of welfare associations of SC/ST/OBC Employees & Officers. Subject: Roll of educated employee’s for the overall success of Phule-Shahu-Ambedkar movement. Venue: Rajashri Shahu Sabagruh, Shivaji Mandir, Dadar (W), Mumbai Date: 6 March 2016 from 10.30am to 5.30pm Inauguration – Honourable Brig Sudhir Sawant,…

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बंजारा समाज का  प्राचीन इतिहास

भारत की सबसे सभ्य और प्राचीन संस्कृती सिंधु संस्कृती को माना गया है। इसी संस्कृती से जुड़ी हुई गोर- बंजारा संस्कृती है और इस गोर बंजारा समाज का  वास्तव पुरी दुनियाभर में है और उन्हें अलग अलग प्रांत में अलग अलग नाम से जाना जाता है। जैसे महाराष्ट्र में बंजारा, कर्नाटक में लमाणी, आंध्र में…

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गोर बंजारा समाज प्रेमी नवजवानों को एक होना होगा तभी समाज का भला होगा – रविराज राठोड़

गोर बंजारा समाज प्रेमी नवजवानों को एक होना होगा तभी समाज का भला होगा, रविराज राठोड़ बगलकोट: कर्नाटक बागलकोट जिल्ले के तेग्गि टांडा वार्षिक उत्सव में गोर बंजारा समाज को सम्भोदित करते हुवे गोर बंजारा संघर्ष समिति भारत के संयोजक रविराज राठोड़ ने कहा ज्यब तक समाज प्रेमी व समाज के पढेलिखे नव जवान एक…

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“गोर बोली भाषेचे अस्तित्व न टिकल्यास सास्कंतीक ऐक्य धोक्यात येईल”:-भाग 2

*गोर बोली भाषेचे अस्तित्व न टिकल्यास* *बंजारा समाजाचे सांस्कृतिक ऐक्य धोक्यात येईल*  जरूर वाचा ???????? ( गोर बोली भाषा जागृती अभियान ) *भाग..२* जेव्हा १९६१मध्ये जनगणना झाली त्या वेळी १६५२ मातृभाषांची यादी झाली. प्रत्येक भाषा ही मातृभाषा नसते. पण तरीही साधारण ११०० भाषा असाव्यात, असं त्यावेळचं अनुमान होतं. १९७१मध्ये फक्त १०८ भाषा दिसल्या. म्हणजे दहा…

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ಸತ್ಯ ಜೀವನ. Raviraj Pawar

     ಸತ್ಯ ಜೀವನ ಭಿಯಾವೊ ಕನ್ನಡ ಭಾಷೆಮ ಕಾವತ ಛ. ಶಾಣಯಾ ಮನಸ್ಯಾದು ಮೆಟ್ಟುಬಲ್ಲಿ ಕುಂದರ ಬೇಕು, ಹುಚ್ಚ ಮನುಸ್ಯಾದು ತೆಲಿಬಲ್ಲಿ ಕುಂದರ ಬ್ಯಾಡದು. ಗೋರಮಾಟಿಮ ಏರ ಅರ್ಥ ಛ. ಸಾಣೆ ಮನಕ್ಯಾರೆ ಜೋಡಾಕನ ಬೆಸನು, ಪಣ ವೆಂಡೆ ಮನಕ್ಯಾರ ಮಾತೆಕನ ನ ಬೆಸನು. ಜುಜ ಪೆನಾರ ಡೋಕರಾವೊ ಕೆತೆತೆ.- ಜಾಗಾ ದೆಖನ ಪಾಗಾ ಬಾಂದೊ. ಏ ಬೊಲೆರ ಅರ್ಥ ಕತೊ, ಆಚೆ ಲೊಗುರ ಸಂಗತೆಮ ರೆತೆ ಜಾವೊ, ಇಜ ಮನಕ್ಯಾರೊ ಸತ್ಯ ಜೀವನಛ. ಅಬ ಟೈಮ…

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