भियावो दुसरेर पग मत खेचो Raviraj S. Pawar
जय सेवालाल. ऐक बार ऐक माटी कोबलेन को “तु काळ ना रेती तो कतरा आचो रेतो” सागरेन को:- “तारो पाणी खारो न रेतो तो कतरा आचो रेतो” गुलाबेर फुलेन को:- “तार मायी काटा ना रेते तो कतरा आचो रेतो” जना तीनी ऐक सातेम वो माटीन के:- ………………………. …………….. “हे माटी अगर तार मायी दुसरेर खोड(कमिया)…