गोर बंजारा-गणचिन्हवाद ( टोटेमवाद)
*गोर बंजारा – गणचिह्नवाद (टोटेमवाद)* *और भीमणीपुत्र मोहन नाईक* – प्रा.दिनेश एस.राठोड (द्वारा संपादित) कल बापू की टोटमके संदर्भमें संशोधित लेख पढकर गोरगण संस्कृति का नया आयाम सामेने आया। और सिख मिली। मैनै थोडा विस्तारसे इस महत्वपूर्ण बात पर चिंतन कर निचे संदर्भों की…