संदर्भ- गोरमाटी संस्कृती आणि संकेत,गोर लोक साहित्य-होका दारू अन पानेर कडी”

 वाते मुंगा मोलारी          My swan song गोर लोक साहित्य- होका,दारू अन पानेर कडी… होका- जीभ बडी चलोकडी,सो समारकर बोल..! हिरा भरी कोठडी, वारू वारू मत खोल..! होका करे चतुराइ,पकड चिमटा अंगार लायी..! तमाकुरी टेकडी,कते वसी रात पेड मर्दूनका हात,धुक सारी रात वेतडू हूबो जीवानेती… लो सगा होका मानेती…!!! दारूर कडी- धग…

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ऑल इंडिया बंजारा विचार मंथन बैठक संपन्न

ऑल इंडिया बंजारा विचार मंथन बैठक संपन्न हुई। 16 अगस्त को मुंबई में पूरे देश से आये हुए प्रमुख गोर बंजारा समाज के नेता समाज सेवीयों की एक Read more…

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जुडो और जोडों समाज को अभियान

04 जनवरी 2015 को थाने में बालकुम परिसर के शिवाजी नगर तांडा में गोर बंजारा संघर्ष समिती ( भारत ) की बैठक संपन्न हुई। गोर बंजारा संघर्ष समिती के संयोजक श्री.रविराजजी राठोड  के मार्गदर्शन में शिवाजी नगर तांडे के गोर बंजारा संघर्ष समिती से सलग्न गोर बंजारा संघर्ष सेना के पदाधिकारीयों ने इस बैठक का…

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Avinash Rathod

नांदेड जिल्ह्यातील बंजार समाजातील सभापती आणि उपसभापती.उपसभापती सभापती. 1माहुर =चिंतामन राठोड २भोकर=कमलबाई जाधव उपसभापती ३कीनवट=कीशोर चव्हान सर्व नवनिर्वाचित बंजारा उमेद्वरांनचे हार्दीक आभीनंदन

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लड़की तू हैं बंजारा

लड़की तू हैं बंजारा , क्या खूब हैं यह नजारा | तुज को क्या बनाया हैं यारा , बिना साज के तुझ को हैं सवांरा | क्या खूब हैं यह नजारा लड़की तू हैं बंजारा | सर पे हैं पानी का मटका , तेरे गलों पर बालों का गुच्छा हैं लटका | अध् खुली कमर…

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पुदीना –

गर्मी में पुदीना खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। ये एक बहुत अच्छी औषधि भी है साथ ही इसका सबसे बड़ा गुण यह है कि पुदीने का पौधा कहीं भी किसी भी जमीन, यहां तक कि गमले में भी आसानी से उग जाता है। यह गर्मी झेलने की शक्ति रखता…

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हार्ट अटैक

महत्वपूर्ण समाचारः- ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं। आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे। अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों (heart patients) को अरबों…

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“आपण आपल्या देशातले आहोत कि परके..? – मा.गणेशजी जाधव मुंबई,

आपण आपल्या देशातले आहोत की परके हे कळायला आता आपल्यालाच चिंतन करावंसं वाटतंय !!! परवाची ठाण्यातील गोष्ठ आहे. मी गोखले रोड वरून चालत तीन हात नाक्याला  येत होतो. एक रिक्षावाला आणि दोन तीन टपोरी मध्ये वाद चालू होता , खूप अंगभर ढोसुन प्यायले होते  दोन बरे होते , भडक लेल्या मित्राला  दूसरी रिक्षा पकडू असं…

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