“सोच”
दोस्तों और भाईयो हम कितने ही बढ़े विध्वान क्यूँ ना हो जाएँ फिर भी हमारी पहचान सिर्फ़ हमारे समाज से ही होती है। हमें अगर दुनिया मे बदलाव लाना है तो हमे पहले आपने आप मे बदलाव लाना होगा, हमारे परिवार मे बदलाव लाना होगा,हमारे समाज मे बदलाव लाना होगा। तब जाके हम किसी मे…