“सेवालाल वाणी के साथ चलो”

दोस्तो क्या हम हमारे गोर समाज का इतिहास जानते है? अगर जानते हैं। तो मुझें वो कोई “बात” नजर नही आती है। की हमारे समाज के धर्मगुरु संत सेवालाल महाराज ने कही है। ऐसा क्यों? हमारे समाज के मार्गदर्शक संत सेवालाल बापू ने कहाँ था कि ” केनी भजे पुजे माई वेळ व्यर्थ मत घालो”…

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– नारेर वोणीं –

–  नारेर वोणीं – १ ) पामडी  = मोटीयार छोरीर २ ) लोवडी  = बायी मनकीयार ३ ) फडकी  = बायी माणसेर ४ ) टूकरी     = डोकरीर – मारतीया रामचंधीया भूकीया गजानन डी राठोड चिफ एडीटर ,बंजारा न्युज ऑनलाईऩ पोर्टलwww.banjaraone.com 9619401377

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गोर बंजारा संविधानीक हक्क महासमिति ची बैठक औरंगाबाद येथे झाली

काल दिनांक 17 / 5 /2015 औरंगाबाद येथे गोर बंजारा संविधानीक हक्क महासमिति ची बैठक झाली 18 मार्च नंतर च्या घडामोडी व पुढील दिशा काय ? मार्गदर्शन करताना मा काशिनाथ नायक मा बळीभऊ राठोड मा.मोतिराज राठोड मा अमर चव्हाण मा राधेश्याम आडे मा पि टी चव्हाण मा ओंकार आबा जाधव मा युवराजदादा आडे मा रविराज…

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अ.भा.बंजारर समावेश इ अनुसूचित जमातीर सुचिमं वेणू इ लढाइ केवळ आरक्षणेवासंज छेनी तो बंजारार अस्तित्वेर इ लढाइ छ –      भीमणीपुत्र मोहन गणुजी नायिक

*वाते मुंगा मोलारी*       My swan song *अ.भा.बंजारर समावेश इ अनुसूचित जमातीर सुचिमं वेणू इ लढाइ केवळ आरक्षणेवासंज छेनी तो बंजारार अस्तित्वेर इ लढाइ छ* भीयाओ!       भारतेमं आलग आलग नामेती ओळखायेवाळो बंजारा इ ये देशेरो मूळनिवासी छ;नेटिव्हसन्स छ…! डाॅ.बाबासाहेब आंबेडकर भी बंजारानं “अॅबोरिनीझ” संबोथमेलो छ.मानववंशशास्त्रज्ञेर आदिम जमातीर निकष भी बंजारा…

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प्रा. दिनेश एस. राठोड *Bhimniputra’s Gorpan:* *The Linguistic Beauty in Gorboli Dialect* आंतरराष्ट्रीय इंग्रजी भाषाम ये पुस्तकेर समिक्षात्मक लेखन करन जगेन गोरबंजारार समृद्ध संस्कृती, गौरवशाली इतिहास, लोकसाहित्येर ( *Gor-Banjara’s enriched culture, history and folk literature*) र ओळख गोर बंजारा इतिहासेम पेलीवंळा जगेन ओळख करदिनो – प्रा. संतोष हुनासिंग राठोड भुवन्स कॉलेज मुंबई

*वेगो जयजयकार जगेम* *गोरबंजारा संस्कृतीरो* जय सेवालाल भीमणीपुत्र मोहन नाईक व मारो गुरू प्रा. दिनेशजी न पेलेवंळा नवंळ करूचू *गोरपान* ये पुस्तकेर रुपेती मारो गुरू प्रा. दिनेश एस. राठोड *Bhimniputra’s Gorpan:* *The Linguistic Beauty in Gorboli Dialect* आंतरराष्ट्रीय इंग्रजी भाषाम ये पुस्तकेर समिक्षात्मक लेखन करन जगेन गोरबंजारार समृद्ध संस्कृती, गौरवशाली इतिहास, लोकसाहित्येर ( *Gor-Banjara’s enriched…

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पद्मश्री रामसिंग भानावतजी का संक्षिप्त इतिहास

पद्मश्री रामसिंग भानावतजी का जन्म दिनांक १५ अगस्त १९०६, को फुलउमरी तालुका मानोरा, जि. वाशिम (महाराष्ट्र) में हुआ. वे एक सच्चे समाज सेवक थे. भारत समाज सेवक ( Servents of India Society) के संस्थापक दिवंगत गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)द्वारा स्थापित समाज सेवक संस्था के आजीवन सदस्य बनकर उन्होंने सत्ता, संपती और किर्ती निरपेक्ष…

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‘लिखनाको इतिहास आसो ‘ एकनाथ गोफणे

‘लिखनाको इतिहास आसो ‘ ……… इतिहास साक्ष देणार होता बंजारा तुझ्या गौरवाची म्हणूनच कुणीतरी घातला खोडा, तुझा इतिहास मिटविण्यासाठी…….. तुच शोधत होता बंजारा रोज नवी वाट , प्रगतीसाठी सर्वांना मिळावी समान संधी या घटनेच्या तत्वाचा तूच होतास रे अधिपती….. निसर्ग जपण्याचा संदेश देणारा, होतास तू ‘संदेश वाहक ‘_.. तुझ्यावरच अन्याय करुन का दिला तुला कुणीतरी…

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BANJARA YOUTH LEADERSHIP TRAINING CAMP

Bharath banjara Sevalal sene  (r) conducting  YOUTH LEADERSHIP TRAINING CAMP for 2000 banjara youths at art of living centre under the guidance of  sri. Ravi shankar guruji from 11 to 13th September 2015. Excellent response received from the banjara youths across the state. In this connection we invited sri.B.S yedyurappa ex CM for  inaguation. He…

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