मारे वावरेंम

मारे वावरे मारो मन भारी रमरोच मारे वावरे चारीवडी हारो हारो रान धुरा बंधाराती दिसावं हरेभरे झाडेरं पानं चारी वात देखनं मारो मन गमरोच मारे वावरेम ….. मारे वावरे दिसावंन जतं-ओत धुडेर वारूळ धुडें सारू जाऊ कत आब म भायारो देवळ सारी तिरथ मन आतच मळरोच मारे वावरेम ….. मारे वावरे कणेती जावं खाळीचा रूंगळी…

Read More

बंजारा तांड्यांना ग्रा.पंचायतीमंध्ये गटाचा दर्जा देऊन विकास – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

गोर-बंजारा समाजाच्या शिष्टमंडळाने घेतली भेट मुंबई, दि.१५ :- गोर-बंजारा जमातींच्या तांडा विकासासाठी स्वतंत्र निधी उपलब्ध व्हावा यासाठी तांड्याला ग्राम पंचायतीमध्ये गटाचा दर्जा दिला जाईल. तसेच समाजाच्या शैक्षणिक व कौशल्य विकासाच्या योजनांसाठी सर्वतोपरी प्रयत्न केले जातील, असे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी सांगितले. गोर-बंजारा जमातींच्या विविध मागण्यांकरीता शिष्टमंडळाने आज मंत्रालयात मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांची भेट घेतली. या…

Read More

“31 आगस्त विमुक्त दिन”

31 आँगस्त यह दिन विमुक्त दिन बढे धुमधाम से मनाया जाता हैं। लेकिन मुझे नही पत्ता के विमुक्त जाती आज भी स्वतंत्र है।क्यो की विमुक्तो को सरकारी दस्तावेज मिलने वाले नही मिल पाई हैं। और हम विमुक्त दिन खुशियों से मनाते चले आरहे हैं। क्या हमारी कुछ शर्ते सरकार ने मानली हैं।हमे सरकार की ओरसे…

Read More

A.B. Chavan

Krantiba mahatma jyotyrao phule, Adya shikshika dhyanjyoty savitri mai hech amache khare shikshak ahet, shikshan mahagade karun  tyache khasagikaran karnare amhala punha gulamgirit dhaklat ahet, ughada dole ” bagha neet ” jage wha ” jage wha?

Read More

विश्व बंजारा दिवस

बंजारा समाज और संस्कृति विश्व में आद्वितीय है हमारी संस्कृति के अन्दर समस्त धर्मों, जातियों की संस्कृति मिश्रित है। यूं कहे बंजारा संस्कृति विश्व की संस्कृति है। विश्व के अधिकांश देशों में बंजारा जनजाति निवासरत है, यह अगल बात है कि किसी–किसी देश इस जनताति को अलग नाम से जाना जाता है। अभी हाल ही…

Read More

श्री.संत सेवालाल महाराज व माता जगदंबा मंदिराच्या कामास गती

पेण – (शेट्टी राठोड) श्री. संत सेवालाल महाराज व माता जगदंबा मंदिराचे काम पेण तालुका बंजारा समाज व सेवालाल आर्मी पेण यांच्या संयुक्त विद्यमाने बांधण्याचा ध्यास घेतला आहे. सदर ठिकाणी संत सेवालाल महाराज यांचे वास्तव्य होते त्यांच्या पदस्पर्शायो पवित्र जागेत गागोदे खु. पेण येथे मंदिर उभारण्यात येत आहे. सदर ठिकाणी महाराष्ट्रातील विविध ठिकाणाहुना बंजारा भविक…

Read More

बंजारा समाजेर ताकत बढाये सारू आछे विचारेती समाज कर्य करेवाळो स्वाभिमानी समाज सेवक पद्मश्री रामसींगजी भानावत येंदुन भावपर्ण आदरांजली अन खरो अभिवादन सोहळा ठरेवाळो छ…!

वाते मुंगा मोलारी            My swan song  पद्मश्री रामसिंग भानावत काका स्मृति प्रित्यर्थ  “नवो समीयारो नवो जाहीरनामाना” “साहित्य संमेलन इ भाषार जत्रा रचं.भाषा व्यवहारे माइर भुलाडी पडगे जकोण शब्देर अन भाषा व्यवहारेमं प्रचलित आसे परंपरागत रुढ शब्देर मळाभेट आसे जत्रामं वेती रचं.साहित्य संमेलनेरे माध्यमेती गमागे जकोण  शब्द जर भाषा व्यवहारेमं होटो…

Read More

“मै” v/s “हम”

दोस्तों हम सब एक है। और एक दिन जरूरत पढेगी तो सभी को एक साथ ही आना है। यह बातों को भुलना नही है हमें। “मै” और “हम” मे तो सिर्फ़ दो अक्षरो का फर्क है।लेकिन इनका अर्थ बहूत अलग है।और उनमें बहूत ज्यादा अंतर भी है।”मै”मे एक से ज्यादा कुछ भी नही और “हम”…

Read More