“संत सेवालाल वाणी”

मत जावो दुसरेरी वंणनाटीन मत भाव दो घुंडी वाळे हाडका अन् बोटीन.. मदत करो गोरमाटीन से एकवेन समाजेरो आवाज पुचावा दिल्ली सरीक मोटी सिटीन… जय सेवालाल जय गोर… सौजन्यः- गोर मोतीराम बि.जाधव गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत शाखा अध्यक्ष डोंगरीपाडा,पातलीपाडा व ब्रम्हांड विभाग जि.रोड ठाणे पश्चिम

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“देश स्वातंत्र झाला पण देशातील जनता अजुन स्वतंत्र नाही

मित्र हो नमस्कार… आज हा लेख लिहण्याचे कारण म्हणजे समाजहित म्हणुन लिहीत आहे. कारण आपल्या भारत देशाला स्वातंत्र मिळवुन 7 दशकाच्या जवळ झाले तरी देशातील बहुशंख्य जनता आज पण स्वातंत्र नाही. कारण आपल्या देशातील गरीब शेतकऱ्यावर व साधारण कुटूंबातील व्याक्तीवर होनारे अन्याय अजुन संपलेले नाही.बहुजन समाजावरील अत्याचार अजुन होतच आहे. खैरलांची प्रकरण,आंध्रप्रदेश,बंजारा समाजावरील,गोवा बंजारा समाजाचे…

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महान शहीद SP बलजीत सिंह पंजाब पुलिस की अंतिम रसम मे शामिल हुए प्रमुख अतिथि

महान शहीद SP बलजीत सिंह पंजाब पुलिस की अंतिम रसम मे शामिल होने कपूरथला पंजाब आए माननीय मास्टर मोहनलाल तनूँगी प्रकाश बड़ते बिल्डर नई मुंबई, हरीभाऊ राठौड़ भूतपूर्व MP वर्तमान MLC महाराष्ट्र मुंबई,कुलव्तराम बाज़ीगर MLA गूहला हरियाणा, गुरमीत सिंह पातडां चेयरमैन BOI, बाबूराव चौहान भूतपूर्व मंत्री कर्नाटक और अध्यक्ष ABBSS अमर सिंह तिलावत भूतपूर्व मंत्री…

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“​चांदण रातेर हुंसी कासी”:- भिमणीपुत्र 

“चांदण रातेर हुंसी कासी”   ये हुंसी कासीर खुसी ओ चांदानज मालम..! कासीनं हानू प्रसन्न देखेर विये तो  ओनं चांदण रातेम देखणू कचं हानू डायसाणी केती आरी छ.चांदारो अन गोर कासीरो कायी नातो छ को भा…? इ गुपीत ओर सोबतणे मोटीयारमाल गोर छोरीऊनज मालम  !    पेना इ कासी चांदार मारोणी छ कचं.खरो खोटो इ…

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खामोशी, कवी – विनोद राठोड

खामोशी एक काले टीले पर खड़ा मैं कूछ कहता हुँ तो तो चारों और गूँजती है मेरे अपने शिकस्त की आवाज नजरों के सामने एक मैदान है अरमानोंके घोड़े दौड़ते हुये ये मैदान , मैदान नही रणभुमी है…..! रणभूमी मुझे निहारती है रणभूमी मुझे पुकारती है रणभूमी मुझे ऊकसाती है ऐ धरती के राजपूत्र आओ…

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???????????मंदिर भांदे सी काळ कटेनी सिकसणे सी मोठो कायी छेनीसाळा सिकेबना मुंडांग जायेनीगरीबे रो कडापो कमी हेयेनीमंदिर भांदे सी काळं कटेनी…..||१|| तम मत बणो देवं भोळातम सिकलो शिक्षण शाळादेव पुजेसी नोकरी मळेनीमंदिर भांदेसी काळं कटेनी…..||२|| याडी बापज तमारे खरे देववोनुर हुकुम सर माथं लेवोवोनुरे बना भलो कोयी सोचेनीमंदिर भांदेसी काळं कटेनी….||३|| मंदिरे सारू जर निधी…

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सासरो गोरमाटि कविता, कवि: सुरेश मंगुजी राठोड़

सासरो *कतराको सोसू याड़ी,* *सासरेरो बळजो !* *केन कू ये याड़ी मारो,* *फाटे लागे कळजो………..!!१!!* *ससरो मळो गुलाम,* *सासू घण भारी छ !* *चलवादी नणंद,* *देवर तो बिगारी छ………..!!२!!* *पतीदेव सिको-साको,* *घणोजं लाचार छ !* *कू करन काडू दनं,* *घणोजं विचार छ………….!!३!!* *हेवा-दावा घरेमायी,* *जीवणेम प्रेम छेई !* *आड़मुठ लोक मळे,* *केरी काई नेम छेई………..!!४!!*…

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गले की खराश टॉन्सिल या गले का गंभीर संक्रमण भी हो सकता है

क्या आपके गले में हमेशा खराश बनी रहती है? इसे हल्के में न लें। मौसम का बदलाव या सर्द-गर्म की वजह से इसे एक आम परेशानी न समझें। गले की खराश टॉन्सिल या गले का गंभीर संक्रमण भी हो सकता है। कैसे निबटें इस परेशानी से:- मौसम बदलते ही गले में खराश होना आम बात…

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