मूंग की दाल

मूंग से हम सब बहुत अच्छी तरह परिचित हैं | मूंग की दाल द्विदल धान्य है और समस्त दलहनों में अपने विशेष गुणों के कारण अच्छी मानी जाती है | मूंग काले,हरे,पीले,सफ़ेद और लाल अनेक तरह की होती है | रोगियों के लिए मूंग बहुत श्रेष्ठ बताई जाती है | मूंग की दाल से पापड़,बड़ियां…

Read More

गोआर समाज की उत्पत्ति

(विभिन्न मत) गौर बंजारा पूरी दुनिया को दो वर्गों में विभक्त करता है। गौर अ{आर–बंजारा) अपने आप को गौर कहता है और दूसरों को कौर कहता है। गौर बंजारा कोई विशेष जाति नहीं, बल्कि एक सप्रदाय है । सम्पूर्ण बंजारा सप्रदाय को भारतवर्ष की चारों दिशाओं में गौर बंजारा प्रांत और व्यवसाय के नाम से…

Read More

वाते मुंगा मोलारी My Swan song  कासवाडी; कासी- रोमॅन्टिक रान फुल

“कासवाडी एक उन्माद छ.उन्मादी जगणेरो इ एक प्रतिक छ.ये मस्तानी कासीरो चांदणी रातेर मंद मादक प्रकाशे माइरो लेरा लेती रमणो ई एक नृत्य छ.ये हुंसी कासीरो चांदणी रातेरो मस्तानी जगणो इ रोमान्स हुबो करदचं…! लांबडी, बरु, केसुला, कासवाडी ये गोरुनं आनंदमय जगणेर तत्वज्ञान सिखायेवाळे ये ये रोमॅन्टिक रान गंधेरो ऊपेक्षित जगणो इ जसो गोर लोकसाहित्येरो…

Read More

“शेतकऱ्याच्या जीवनात समृद्धी पेरणारे स्व.वसंतरावजी नाईक”

शेतकऱ्यांच्या जीवनात समृद्धी पेरणारे कै. वसंतराव नाईक शेती आणि शेतकऱ्यांवर निस्सीम प्रेम करणाऱ्या वसंतरावांनी आपल्या मुख्यमंत्री कार्यकाळाचे तब्बल एक तप शेतकऱ्यांच्या भल्यासाठी खर्ची घातले. शेतकऱ्यांच्या प्रगतीसाठी मुख्यमंत्री म्हणून वसंतरावांनी घेतलेले निर्णय, त्यांची अंमलबजावणी व प्रगतीसाठी केलेली धडपड अजोड म्हणावी लागेल.  “हिरवी शेती, हिरवी राने वाऱ्यावर झुलती,  पीक पाचूचे आनंदाने गीत तुझे गाती’  हिरवा शालू पांघरलेली…

Read More

Gajanan D Rathod

मेरे गोर बंजारा भाईयों आज हम गोर बंजारा संघर्ष समिति व्दारा समाजहित मे जो कार्य कर रहें है।उसी कार्य की सुरवात हमें अपने आपसे करनी है।क्योंकि आज अगर हम समाजहित मे सोचेंगे तो कल की युवा पिढी हमारे आपणे संस्कारों के सहारे हमारे समाज को उस बुलंदीओ तक पहुँचाने मे कोई कसर बाकी नही रखेंगे।तो…

Read More

भारत देश स्वातंत्र्यता के बाद बंजारा समाज का भारतीय बहुजन बंजारा क्रांति दल (पक्ष) पहला राजकीय दल”

“भारत देश स्वातंत्र्यता के बाद बंजारा समाज का पहला राजकीय दल” गोर बंजारा समाज तथा बहुजन समाज के,सभी बंधुओं को सादर प्रणाम ???? भाईयों हमारे देश को स्वातंत्र्यता मिलकर ७१ साल के करीब होगये है। लेकिन बंजारा समाज के लिए स्वाभिमान पैदा करने की कोशिश आज तक किसी ने नही कि. जिस बात कि जरूरत…

Read More

गोर बंजारा समाजातील साहित्याचे

गोर बंजारा समाजातील साहित्याचे लेखन कार्य ज्या-ज्या विचारवंतांनी केलेले आहे, त्या साहित्याचे वाचन केले असता, बंजारा (लमाणी) समाजाविषयी आपले विचार मांडावेअशी उत्कंठा मनात निर्माण झाली आणि सध्या चालत असलेले धनगर व बंजारा समाजाचे समायोजन (एस.टी.) आदिवासी समाजाच्या आरक्षणात केले जावे, अशी मागणी धनगर समाज प्रस्थापित राजकीय लोकांची कास धरुन करीत आहे. देशात मोदी यांचे सरकार…

Read More

घण दुख़ेर वात.. घण दुख़ेर वात.. घण दुख़ेर वात

जय सेवालाल भियावो कालेन जो पेपरेम जो बातमी आयी यी वात रामराव महाराजेन मालम छ कायी???? कोयी रामराम महाराजेन विचारेचो कायी??? तारीख. 12/02/2009 सालेम बापु स्वता सेवागडेम मुर्ती स्थापन किदो अऩ 15/02/2009 सेवालाल जयंती दाड स्वतार हातेती भोग लगाडो. वो दाड आद्रप्रदेसेर मुख्यममत्री, हरीभाऊ जी राठोड़ साहेब, व समाजेर मोटे-मोटे लोग भि उप्सतित वेत्ते. अऩ…

Read More

Kal 13-12-2015 ko Rastriya banjara sayukth mahasamiti ki baitak sampan huyi. RAVIRAJ PAWAR

Jay sevalal Kal tarikh 13/12/2015 ko rastriya banjara sayukth mahasamiti ki baitak sampan huyi. Is baitak me banjara samaj ki anek sanghtan, samiti, sansthawo ke mukya padhadikariyo ko aamantrit kiya gaya tha. Yaha baitak banjara samaj ke udhyog va rastriya banjara parishad ke pramukh sri. Kishanrao rathod ji ke vashi karyalaya pe rakhigayi thi. Is…

Read More

गोर शब्द सैनिकेर हुंमाळो इ नक्कीज निर्णायक ठरेवाळो,:- भिमणीपुत्र मोहन नायक,

वाते मुंगा मोलारी My Swan Song हुंमाळो – एक विद्रोही उद्रेक गोर शब्द सैनिकेर हुंमाळो इ नक्कीज निर्णायक ठरेवाळो..! “गोरमाटी इ दुसरेर इतिहासेपं पोसायेवाळ जमात छेनी उ एक इतिहास घडायेवाळ विद्रोही जमात छ.दुसरेर इतिहासेपं पोसायेवाळ ये कनाईज क्रांती कर सकेनी,ओ फगत प्रतिक्रांतीमं तरबेज रचं.गोर इतिहासेपं जगेवाळ लोक गोर संस्कृतीनं दमाळ लगान कोलीया कर नाके;बळन कोलीया…

Read More