हम बहूत कुछ कर सकते है
मुझे पता है दोस्तों आज भी मेरे समाज मे निःस्वार्थ और बुध्दीजीवी लोगों की कमी नही है। और आज भी मेरा समाज एक नंबर पर आ सकता है। लेकिन मुझे दुःख इस बात का है।की मेरे सभी अभ्यासु भाईचारे हमें आज अंध्रश्रदा मे जिरहे है। भाईयो ऐसा क्यों? एक दौर था जब हमारा समाज कहाँ…