“गोरमाटी साहित्यिक भिमणीपुत्र बापू के दृष्टिसे गोर साहित्य की उपयुक्ततता Usability क्या है”

भिमणीपुत्र बापू के दृष्टिसे गोर साहित्य की उपयुक्तातता usability क्या है !!     जब मैने  बापू, भिमणीपुत्र, मोहन गणुजी नाईक ( साहित्यिक, महाराष्ट्र )के किताब पढे,गोर साहित्यके प्रति उनकी बहुमोल संवेदनशील भावनाओं का एहसास हुआ ।   उनके साहित्य का मुख्य प्रयोजन गोर वैज्ञानिक कसोटीपर खरा उतरनेवाला गोर मानवीय भावना एंवम संवेदना का विस्तार…

Read More
Bhartiya Banjara Kranti Dal Morcha

मुंबई में २७ नवंबर को होगा बंजारा समाज का आरक्षण बचाओ महा- सम्मेलन : मोरसिंग भाई राठोड़

मुबई : बंजारा समाज को सामाजिक न्याय और आरक्षण मिले, सामजिक अन्याय के विरुद्ध लढाई लढ़े, बंजारा समाज को संगठित करना, युवाओं को मार्गदर्शन करना  इस उद्देश्य से बनाई गई बंजारा समाज की प्रथम और एकमात्र राष्ट्रीय स्तर राजनैतिक पार्टी भारतीय बहुजन क्रांति दल और राज्य स्तर के लिए भारतीय बंजारा क्रांति दल  का गठन…

Read More

गोर संस्कृतिर आलग औळख छ,घटी पिसतू वणार गित:- आरजूनीया भूकिया,

++++ घटीपरीयार गीद+++++ ,,मारे यीरारी वारसेकी माढी यं मारी माढी तो बायी पढ़ी आन झढी यं मारो यीरा रोज तो दूधबाटी खाव य फ़ोन कीदी कलाग तो जोरेती भल्डाव यं कायी कूय बायी घेतलारी साक़ी यं काछेरे बघंलाम बेटी येरी माकी यं मारो यीरेणीया बायी सालेम येकणा आव यं दी दी फनी केळा येकलोच गटकजाव…

Read More

आजेरो पवित्र विचार. -किशन राठोड़

सत्य जीवण ➖आजेरो पवित्र विचार➖ आपणेकन विश्वास कम छ। करन विकास थमगोछ। अन अनर्थ वेळ घालते,बेसगेछा वादविवाद करेम; उमर गुजरेलाग,छ। आज जतरा भी नातो, छ उ एकमेकेर विश्वास र कारण तो टिकन  छ। जत विश्वास छेनी वत धणी-गोणणारो भी जोडा टिकेनी। सृष्टी मायी जो भी छ उ से परमात्मार ईच्छा ती छ वाळेन एक देवी…

Read More

Part -12- ANCIENT HISTORY OF GOR BANJARAS

Rajasthani Dhundh Song हरि हरि हरियो …ले ज्यू ज्यू चम्पा लहरि यो.. हरि… एडियो रा ऐडा खेडा कमली गाय कमली गाय… बाहर भोजन चरता जाय… चरता चरता मांगे हिंग एतरा हुओ रे एतरा हुओ।  [Festival Songs of Rajasthan by Dr. Jagmalsingh, page 29] The birthday boy is blessed after this ritual and the following song…

Read More

अ.भा.बंजारा समाजेन ओ.बी.सी.ये प्रवर्गेर सूचिम लाणू इ धोकादायक छ – भीमणीपुत्र मोहन गणुजी नायिक

*वाते मुंगा मोलारी*          My swan song *अ.भा.बंजारा समाजेन ओ.बी.सी.ये प्रवर्गेर सूचिम लाणू इ धोकादायक छ* *अ.भा.बंजारा समाज इ जर ओ.बी.सी.प्रवर्गेरे एक सूचिम आवगो तो कायी प्रांते माइर अनुसूचित जाती अन जमातीर सूचिम मोडायेवाळे बंजारानं आमदार, खासदारकी सारू राखीव कोटा माईती हुबरेर आधिकार भी खोसा जायेवाळ अन बंजारारे राजकीय प्रगतीम आडथळा आयेवाळो…

Read More

श्री रविराज तारासिंग राठोड जी का अल्प परिचय ।

श्री रविराज तारासिंग राठोड जी का अल्प परिचय । “गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत)” के संयोजक. जन कल्याण सेवा संस्था के अध्यक्ष व राज-बंजारा समाचार पञ के प्रधान संपादक श्री रविराज टी.राठोड का अल्प परिचय मै गजानन डी.राठोड अपने गोर बंजारा समाज इसलिए दे रहा हु ताके उन्हें ज्यो जानते नहीं वो जान सके। दोस्तों…

Read More